इस पावन आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में सांगलिया पीठाधीश्वर श्री श्री 108 श्री ओमदास जी महाराज एवं 108 महामंडलेश्वर संत श्री श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों संत महापुरुषों ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में आर्थिक समानता, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने वाल्मीकि समाज के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
आयोजन में मुख्य भामाशाह के रूप में युवा नेता रामनिवास पोषक ने कन्यादान कर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। रामनिवास पोषक ने न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान किया, बल्कि पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता और समरसता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होता है जब सभी वर्ग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें और भेदभाव से ऊपर उठकर साथ चलें।
इस अवसर पर विभिन्न समाजों के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसने यह साबित किया कि कुचामन क्षेत्र सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल है। आयोजन स्थल पर अनुशासन, व्यवस्था और आपसी सहयोग का माहौल रहा, जिसकी सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने प्रशंसा की।
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